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  1. पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ी खबर, क्या आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ?

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ी खबर, क्या आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ?

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 16:05 IST

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सारांश

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले की तरह ही बनी हुई हैं। दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में 100 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी होने के बाद भी सरकार ने आम आदमी को राहत दी है। पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये लीटर पर स्थिर है।

पेट्रोल और डीजल के दाम

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम

दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है लेकिन भारत के आम आदमी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली में रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी स्थिर बनी हुई हैं और इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब पिछले एक महीने में ग्लोबल लेवल पर पेट्रोलियम की कीमतों में 100 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

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आम आदमी के लिए बड़ी राहत

दिल्ली के लोगों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें पेट्रोल और डीजल के लिए पुरानी कीमत ही चुकानी होगी। दिल्ली में रेगुलर पेट्रोल अभी भी 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में सरकार ने यह तय किया है कि आम नागरिकों पर बढ़ती कीमतों का बोझ नहीं डाला जाएगा। देश के हर पेट्रोल पंप पर रेगुलर तेल पुरानी कीमतों पर ही उपलब्ध है, जिससे आम आदमी के घर का बजट नहीं बिगड़ेगा।

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बदलाव

तेल की कीमतों में जो थोड़ा बहुत बदलाव हुआ है, वह सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट्स के लिए है। प्रीमियम पेट्रोल जैसे कि XP95, Power95 और Speed की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह महंगा पेट्रोल कुल बिक्री का केवल 2 पर्सेंट से 5 पर्सेंट ही होता है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें हर 15 दिन में बदली जाती हैं और इसे ज्यादातर वो लोग खरीदते हैं जो अपनी पसंद से हाई-परफॉर्मेंस ईधन चाहते हैं। इसका आम आदमी के डेली खर्च पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

तेल कंपनियों को हो रहा है भारी घाटा

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग की वजह से सरकारी तेल कंपनियों यानी PSU OMCs को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। डेटा के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 तक इन कंपनियों को पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक महीने में करीब 100 पर्सेंट तक बढ़ गई हैं। इसके बावजूद भारत में कीमतों को स्थिर रखकर जनता को बड़ी राहत दी जा रही है। कंपनियों का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस इस दबाव के बाद भी जनता के हितों को ध्यान में रखकर मैनेज किया जा रहा है।

दुनिया भर के मुकाबले भारत में स्थिति बेहतर

अगर हम पूरी दुनिया की बात करें तो कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 30 पर्सेंट से 50 पर्सेंट तक का इजाफा हुआ है। भारत इकलौता ऐसा बड़ा देश है जहां इतनी बड़ी ग्लोबल चुनौती के बाद भी ईधन की कीमतों को काबू में रखा गया है। सरकार का कहना है कि वे नागरिकों को महंगे अंतरराष्ट्रीय तेल से सुरक्षित रखने के लिए कमिटेड हैं। कंपनियों के घाटे के बाद भी रेगुलर ईधन की कीमतों में कोई बदलाव न करना सरकार की फ्यूचर प्लानिंग का हिस्सा है ताकि महंगाई को बढ़ने से रोका जा सके।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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