return to news
  1. वंदे भारत में यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ पड़ा भारी, सर्विस प्रोवाइडर पर गिरी 50 लाख की गाज

बिजनेस न्यूज़

वंदे भारत में यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ पड़ा भारी, सर्विस प्रोवाइडर पर गिरी 50 लाख की गाज

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 26, 2026, 07:38 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

15 मार्च को ट्रेन संख्या 21896 में एक यात्री ने खाने की क्वालिटी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। रेलवे ने इसे गंभीरता से लेते हुए कुल 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग ने साफ किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और खाने के स्टैंडर्ड से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

vande indian railways.webp

IRCTC पर लगा 10 लाख रुपये का जुर्माना।

भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों में से एक वंदे भारत एक्सप्रेस में खाने की क्वालिटी को लेकर आई शिकायत पर रेल विभाग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मामला 15 मार्च का है, जब ट्रेन संख्या 21896, जो पटना से टाटानगर के बीच चलती है, उसमें सफर कर रहे एक यात्री ने परोसे गए भोजन की खराब क्वालिटी को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत को रेलवे ने सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि इस पर इतनी बड़ी कार्रवाई की है कि पूरे कैटरिंग विभाग में हड़कंप मच गया है। रेलवे ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सेहत और सुविधाओं के मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

लापरवाही पर लगा 60 लाख का भारी जुर्माना

रेलवे ने इस मामले की जांच के बाद जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का दंड लगाया है। लेकिन सबसे बड़ी गाज उस प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर पर गिरी है, जिसके पास इस ट्रेन में खाना सप्लाई करने का जिम्मा था। उस सर्विस प्रोवाइडर पर पूरे 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोंका गया है। इतनी बड़ी रकम का जुर्माना आमतौर पर कम ही देखने को मिलता है, जिससे यह साफ है कि रेलवे अब अपनी प्रीमियम ट्रेनों की इमेज को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। यात्री ने जब खाने की क्वालिटी में अनियमितता पाई, तो उसने इसकी शिकायत की, जिसके बाद विभाग ने तुरंत एक्शन लिया।

सर्विस प्रोवाइडर का कॉन्ट्रैक्ट किया गया टर्मिनेट

सिर्फ जुर्माना लगाकर ही रेलवे शांत नहीं बैठा है। सर्विस प्रोवाइडर की ओर से बरती गई इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए उसका कॉन्ट्रैक्ट भी तुरंत प्रभाव से खत्म करने के आदेश दे दिए गए हैं। इसका मतलब है कि अब वह कंपनी या वेंडर इस ट्रेन में अपनी सेवाएं नहीं दे पाएगा। रेलवे का यह फैसला उन सभी वेंडर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतते हैं। कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना (टर्मिनेशन) किसी भी सर्विस प्रोवाइडर के लिए सबसे बड़ी सजा मानी जाती है, क्योंकि इससे न केवल उनका रेवेन्यू रुकता है बल्कि मार्केट में उनकी साख भी पूरी तरह खराब हो जाती है।

यात्री सुरक्षा और क्वालिटी पहली प्राथमिकता

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की क्वालिटी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वंदे भारत जैसी ट्रेनों में लोग बेहतर अनुभव और अच्छी सुविधाओं की उम्मीद में अधिक किराया देकर सफर करते हैं। ऐसे में अगर उन्हें खराब क्वालिटी का खाना परोसा जाता है, तो यह रेलवे के भरोसे को तोड़ने जैसा है। विभाग ने कहा है कि भविष्य में भी अगर किसी भी ट्रेन में खाने या अन्य सेवाओं में कमी पाई जाती है, तो इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि सर्विस में सुधार बना रहे।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख