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अगर मिल सकता है PNG कनेक्शन और फिर भी ले रहे हैं LPG तो रुक जाएगी सप्लाई, क्या है सरकारी आदेश में?

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 25, 2026, 14:29 IST

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सारांश

इस कदम का उद्देश्य पाइपलाइन सुविधा वाले क्षेत्रों से एलपीजी की सप्लाई मुक्त कर उन क्षेत्रों में भेजना है, जहां यह इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है। साथ ही ग्लोबल सप्लाई व्यवधान, खाड़ी क्षेत्र में द्रवीकरण संयंत्रों को नुकसान और होर्मुज स्ट्रेट में जारी अवरोध के बीच ईंधन विविधीकरण को बढ़ावा देना भी है।

पीएनजी

पीएनजी उपलब्ध होने पर भी उसकी सेवा नहीं लेने वालों की एलपीजी आपूर्ति बंद होगी: सरकारी आदेश

पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने पर भी इसकी सर्विस नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण प्रमुख स्रोतों से सप्लाई प्रभावित होने से भारत में एलपीजी की कमी की स्थिति के बीच सरकार घरेलू एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पीएनजी अधिक सुविधाजनक ऑप्शन है और इसकी सप्लाई घरेलू उत्पादन और अलग-अलग स्रोतों से की जाती है। पीएनजी पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस बर्नर तक लगातार पहुंचाई जाती है, जिससे सिलेंडर की बुकिंग की आवश्यकता नहीं रहती।

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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन व विस्तार तथा अन्य सुविधाएं) आदेश, 2026’ अधिसूचित किया है। इसका उद्देश्य पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी लाना, मंजूरियों को आसान बनाना और एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव को बढ़ावा देकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इस 24 मार्च को जारी आदेश में कहा गया कि अगर पीएनजी उपलब्ध होने के बावजूद कोई परिवार इसे नहीं अपनाता है तो तीन महीने बाद एलपीजी की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जहां पाइप कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, वहां अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के आधार पर एलपीजी सप्लाई जारी रह सकेगी।

इस कदम का उद्देश्य पाइपलाइन सुविधा वाले क्षेत्रों से एलपीजी की सप्लाई मुक्त कर उन क्षेत्रों में भेजना है, जहां यह इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है। साथ ही ग्लोबल सप्लाई व्यवधान, खाड़ी क्षेत्र में द्रवीकरण संयंत्रों को नुकसान और होर्मुज स्ट्रेट में जारी अवरोध के बीच ईंधन विविधीकरण को बढ़ावा देना भी है। इस आदेश पर टिप्पणी करते हुए तेल सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘बिजनेस सुगमता सुधारों के जरिए संकट को अवसर में बदला गया है।’ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जारी यह आदेश पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करने के लिए मंजूरियों को आसान बनाने, शुल्कों का मानकीकरण करने और समयबद्ध अनुमति सुनिश्चित करने का प्रावधान करता है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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