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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, केरोसिन-कोयला फिर बनेगा कुकिंग फ्यूल

Upstox

5 min read | अपडेटेड March 13, 2026, 15:09 IST

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सारांश

भारत प्रतिदिन करीब 58 लाख बैरल तेल की खपत करता है, जिसमें से 25-27 लाख बैरल तेल पश्चिम एशिया के देशों से इसी रास्ते से होकर आता है। इसके अलावा जलडमरूमध्य से देश की 55 प्रतिशत एलपीजी और 30 प्रतिशत एलएनजी की आपूर्ति भी होती है।

LPG crisis

LPG crisis: सरकार की तरफ से केरोसिन के कोटे में वृद्धि एक दशक से अधिक समय बाद की गई है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग ने आज गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए केरोसिन (मिट्टी के तेल) की अतिरिक्त सप्लाई शुरू करने के साथ होटल-रेस्तरां क्षेत्र को अस्थायी रूप से कोयला एवं अन्य वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति दे दी। सरकार ने राज्यों को एक लाख किलोलीटर के नियमित कोटे के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर मिट्टी का तेल आवंटित किया है, जिसका उपयोग खाना पकाने के ईंधन के रूप में किया जाएगा।

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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ईंधन की किल्लत को देखते हुए पर्यावरण नियामक निकायों को एक महीने के लिए बायोमास, आरडीएफ पेलेट और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति देने के लिए कहा गया है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज बंद होने से बढ़ी दिक्कत

पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसी समुद्री मार्ग के जरिये भारत को कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात होता है। भारत प्रतिदिन करीब 58 लाख बैरल तेल की खपत करता है, जिसमें से 25-27 लाख बैरल तेल पश्चिम एशिया के देशों से इसी रास्ते से होकर आता है। इसके अलावा जलडमरूमध्य से देश की 55 प्रतिशत एलपीजी और 30 प्रतिशत एलएनजी की आपूर्ति भी होती है।

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने एलपीजी की उपलब्धता को घरेलू रसोई के लिए प्राथमिकता दी है। इस वजह से होटल और रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस में कटौती की गई है।

घरेलू LPG उत्पादन लगभग 28% बढ़ाया गया

पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार की तरफ से उठाए गए कुछ कदमों से घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 28 प्रतिशत बढ़ गया है। इसके अलावा विदेशों से वैकल्पिक स्रोतों से भी व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने सीमित स्तर पर वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री की अनुमति दी है, ताकि कुल मांग के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए राज्य सरकारों को वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करनी होगी।’’

शर्मा ने कहा कि घबराहट के कारण एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अचानक बढ़ गई है। उन्होंने लोगों से घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मांग को नियंत्रित करने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सब्सिडी वाले सिलेंडर की अगली बुकिंग की न्यूनतम अवधि 45 दिन कर दी गई है, जबकि पिछले हफ्ते ही इस अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया था। शहरी क्षेत्रों के लिए यह सीमा अब भी 25 दिन है।

सरकार की तरफ से केरोसिन के कोटे में वृद्धि एक दशक से अधिक समय बाद की गई है। इससे पहले सरकार इस ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की नीति पर काम कर रही थी, क्योंकि यह भारी सब्सिडी वाला ईंधन है और पेट्रोल में मिलावट के लिए भी इस्तेमाल होता रहा है।

वर्ष 2014 में दिल्ली को देश का पहला केरोसिन-मुक्त शहर घोषित किया गया था। बाद में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देकर स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया गया।

इस बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। शर्मा ने कहा कि देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप में से किसी पर भी ईंधन खत्म नहीं हुआ है और एलपीजी वितरकों के पास भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में दिए वक्तव्य में कहा कि पिछले 13 दिन से होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान बना हुआ है और इतिहास में पहली बार यह समुद्री मार्ग व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग बंद हो गया है। पुरी ने कहा कि भारत का कच्चे तेल का आपूर्ति तंत्र सुरक्षित है और देश ने अपनी आयात रणनीति को व्यापक बनाया है।

पुरी ने बताया कि भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल खरीदता है, जबकि 2006-07 में यह संख्या 27 थी। इस विविधीकरण के कारण देश के पास विकल्प मौजूद हैं और रिफाइनरियां बढ़ी हुई क्षमता पर काम कर रही हैं।

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, विमान ईंधन, केरोसिन और फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है और इनकी उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित है। उन्होंने बताया कि पहले भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात कतर, कुवैत एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे खाड़ी देशों से करता था। अब आपूर्ति को विविध बनाने के लिए अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से भी तेलवाहक जहाज मंगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलिवरी तक का औसत समय अभी भी 2.5 दिन ही है और कहीं भी वास्तविक कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ स्थानों पर जमाखोरी एवं अतिरिक्त बुकिंग उपभोक्ताओं की चिंता के कारण हो रही है, न कि आपूर्ति में वास्तविक कमी की वजह से।’’

दुनिया का तीसरा बड़ा तेल आयातक भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है। वर्तमान संकट के बीच सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने और आपूर्ति तंत्र को स्थिर रखने के कदम उठाए हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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