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4 min read | अपडेटेड March 25, 2026, 14:27 IST
सारांश
रेलवे के नए नियमों के तहत अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। साथ ही काउंटर टिकट वाले यात्री अपनी क्लास भी अपग्रेड करा पाएंगे। ई-टिकट धारकों को अब रिफंड के लिए टीडीआर भरने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि रिफंड अब ऑटोमेटिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा।

रेलवे के नए नियमों के तहत अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे।
भारतीय रेलवे में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पहल के तहत टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के पुराने नियमों को पूरी तरह बदल दिया है। अब यात्रियों को टिकट कैंसिल करने के लिए नए टाइम स्लॉट का ध्यान रखना होगा। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो आखिरी वक्त पर टिकट कैंसिल करते हैं, जिससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती थी।
रेलवे ने अब रिफंड के लिए समय सीमा को बढ़ा दिया है। पहले जहां 48, 12 और 4 घंटे का नियम चलता था, अब उसकी जगह 72, 24 और 8 घंटे के स्लॉट होंगे। अगर आप ट्रेन चलने के समय से 72 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको एक तय कैंसिलेशन चार्ज काटकर पूरा रिफंड मिल जाएगा। वहीं, अगर आप 72 घंटे से लेकर 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपके टिकट की कीमत का 25 पर्सेंट पैसा काट लिया जाएगा। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप ट्रेन छूटने से 24 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको 50 पर्सेंट पैसा ही वापस मिलेगा। रेलवे का कहना है कि यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि जो लोग केवल सीट रोककर रखते हैं, वे समय रहते अपना टिकट कैंसिल कर दें।
रेलवे ने डिजिटल तरीके से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को एक बड़ी राहत दी है। अब अगर ट्रेन कैंसिल होती है या किसी तकनीकी खराबी जैसे एसी खराब होना या कोच में समस्या के कारण आप सफर नहीं कर पाते, तो आपको टीडीआर यानी टिकट डिपॉजिट रसीद भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे ऐसे मामलों में रिफंड का प्रोसेस अपने आप कर देगा और आपका पैसा सीधे आपके बैंक खाते में पहुंच जाएगा। इसके अलावा, जिन यात्रियों के पास काउंटर वाला टिकट है, वे अब अपना टिकट देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से कैंसिल करा सकते हैं। पहले यात्रियों को उसी स्टेशन पर जाना पड़ता था जहाँ से उनका सफर शुरू होना था, लेकिन अब यह पाबंदी हटा दी गई है।
अक्सर यात्रियों का प्लान अचानक बदल जाता है और वे किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं। अब रेलवे ने बोर्डिंग पॉइंट बदलने की सुविधा को बहुत आसान बना दिया है। यात्री अब ट्रेन छूटने से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। अगर किसी यात्री का टिकट स्टेशन ए से स्टेशन जेड तक का है और वह स्टेशन बी से चढ़ना चाहता है, तो वह डिजिटल तरीके से इसे अपडेट कर सकता है। इस बदलाव के लिए रेलवे कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं लेगा। साथ ही, काउंटर टिकट वाले यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपनी ट्रैवल क्लास को भी अपग्रेड करा सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों को अभी क्लास अपग्रेड की यह सुविधा नहीं मिली है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये सारे बदलाव ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने और यात्रियों को अच्छा अनुभव देने के लिए किए गए हैं। डेटा की रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि बहुत से लोग फर्जी तरीके से बुकिंग करते थे और आखिरी समय में बड़े पैमाने पर टिकट कैंसिल करते थे। इससे उन यात्रियों को नुकसान होता था जिन्हें सच में सफर करना होता था। नए नियमों से अब खाली सीटें सिस्टम में जल्दी वापस आ जाएंगी और वेटिंग वाले यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने के चांस बढ़ जाएंगे। ये नए नियम इस साल जनवरी के बाद शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों में पहले से ही लागू हैं, और अब इन्हें पूरी भारतीय रेलवे में लागू किया जा रहा है।
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