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  1. India-US Trade Deal में बड़ा यू-टर्न? व्हाइट हाउस ने हटाया ‘दाल’ का जिक्र, $500 अरब खरीद अब सिर्फ ‘इरादा’

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India-US Trade Deal में बड़ा यू-टर्न? व्हाइट हाउस ने हटाया ‘दाल’ का जिक्र, $500 अरब खरीद अब सिर्फ ‘इरादा’

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 10:59 IST

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सारांश

India-US Trade Deal: अगर भारत के दाल आयात के आंकड़ों की बात करें, तो भारत का दाल आयात बिल FY2024-25 में 46% बढ़कर 5.48 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष FY2023-24 में 3.75 अरब डॉलर था। हालांकि कुल आयात तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी बहुत कम है।

India-US Trade Deal

India-US Trade Deal: पिछले वित्त वर्ष में भारत ने अमेरिका से 78 मिलियन डॉलर की मसूर दाल खरीदी।

India-US Trade Deal: व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जारी अपने फैक्ट शीट में बड़ा बदलाव किया है। पहले जारी दस्तावेज में “certain pulses” (कुछ दालों) का साफ़ जिक्र था, लेकिन अब नए फैक्ट शीट से इसे हटा दिया गया है। इसके अलावा भारत द्वारा अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद को पहले “firm commitment” यानी पक्का वादा बताया गया था, जिसे अब बदलकर सिर्फ “intent” यानी इरादा कहा गया है। यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि भारत में दालों का मुद्दा किसानों के लिए बेहद संवेदनशील है।

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पहले के फैक्ट शीट में अमेरिका ने क्या कहा था?

9 फरवरी को जारी शुरुआती फैक्ट शीट में लिखा था कि भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक उत्पादों और कई कृषि व खाद्य उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करेगा। इसमें सूखी डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), रेड ज्वार, ट्री नट्स, ताज़ा और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल थे।

नए फैक्ट शीट में क्या है?

लेकिन अब जो संशोधित फैक्ट शीट जारी हुई है, उसमें दालों का नाम हटा दिया गया है। इसमें लिखा है कि भारत अमेरिकी उत्पादों की ज्यादा खरीद का “इरादा” रखता है और 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, सूचना एवं संचार तकनीक, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। हालांकि बाकी कृषि उत्पादों का जिक्र पहले जैसा ही रखा गया है- जैसे DDGs, रेड ज्वार, ट्री नट्स, ताज़ा और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स आदि।

भारत के दाल आयात के आंकड़े

अब अगर भारत के दाल आयात के आंकड़ों की बात करें, तो भारत का दाल आयात बिल FY2024-25 में 46% बढ़कर 5.48 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष FY2023-24 में 3.75 अरब डॉलर था। हालांकि कुल आयात तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी बहुत कम है। 2024-25 में भारत ने अमेरिका से सिर्फ 89.65 मिलियन डॉलर की दालें आयात कीं।

पिछले वित्त वर्ष में भारत ने अमेरिका से 78 मिलियन डॉलर की मसूर दाल खरीदी। लेकिन कनाडा (466 मिलियन डॉलर) और ऑस्ट्रेलिया (328 मिलियन डॉलर) भारत के लिए दालों के सबसे बड़े सप्लायर रहे। वैल्यू के हिसाब से FY2024-25 में भारत ने सबसे ज्यादा आयात अरहर (पिजन पी) का किया, जिसकी कीमत 1,285.40 मिलियन डॉलर रही। इसके बाद चना (1,116.64 मिलियन डॉलर), येलो पी (960.58 मिलियन डॉलर) और मसूर (916.03 मिलियन डॉलर) का स्थान रहा।

नीतिगत तौर पर, अरहर (तूर) और उड़द के आयात पर 31 मार्च 2026 तक कोई आयात शुल्क नहीं है यानी ये ड्यूटी-फ्री हैं। लेकिन 1 नवंबर 2025 से येलो पी पर 30% आयात शुल्क लगाया जा रहा है। वहीं मसूर दाल, जो अमेरिका से मुख्य रूप से आयात होती है, उस पर फिलहाल 10% आयात शुल्क लागू है।

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