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अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट, सरकार ने कहा- नए टैरिफ स्ट्रक्चर के बाद ही होगा साइन

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 16, 2026, 16:38 IST

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सारांश

सरकार की यह टिप्पणी उस समय आई जब देश के ताजा व्यापार आंकड़े जारी किए गए। आंकड़ों के अनुसार फरवरी में भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट (सामान का निर्यात) थोड़ा घटकर 36.61 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल के मुकाबले 0.81% कम है।

India-US Trade Deal

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका इस समझौते के कई बारीक पहलुओं पर अभी चर्चा कर रहे हैं।

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सरकार ने सोमवार को कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील पर अभी बातचीत जारी है। इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर तभी होंगे जब दोनों देशों के बीच नए टैरिफ यानी आयात-निर्यात शुल्क की पूरी संरचना तय हो जाएगी।
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वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने कहा कि भारत और अमेरिका इस समझौते के कई बारीक पहलुओं पर अभी चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच डिटेल्स पर बातचीत चल रही है और नया टैरिफ स्ट्रक्चर तय होने के बाद ही इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील पर साइन किए जाएंगे।

एक्सपोर्ट में कमी, लेकिन इंपोर्ट में बढ़ोतरी

सरकार की यह टिप्पणी उस समय आई जब देश के ताजा व्यापार आंकड़े जारी किए गए। आंकड़ों के अनुसार फरवरी में भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट (सामान का निर्यात) थोड़ा घटकर 36.61 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल के मुकाबले 0.81% कम है।

वहीं, दूसरी तरफ आयात (Imports) में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। फरवरी में आयात 24.11% बढ़कर 63.71 अरब डॉलर हो गया, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 51.33 अरब डॉलर था। आयात ज्यादा होने के कारण फरवरी में ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 27.1 अरब डॉलर हो गया।

सरकार ने निर्यात पर क्या कहा?

महीने के स्तर पर निर्यात में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन Rajesh Agrawal ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात प्रदर्शन अब भी काफी मजबूत बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से फरवरी के बीच भारत का कुल निर्यात 1.84% बढ़कर 402.93 अरब डॉलर पहुंच गया। इसी अवधि में आयात 8.53% बढ़कर 713.53 अरब डॉलर हो गया। इसका मतलब है कि भारत में घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और विदेशों से आने वाले सामान की मात्रा भी बढ़ी है।

आने वाले हफ्तों में निर्यात पर दिख सकता है दबाव

वाणिज्य सचिव ने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में निर्यात पर कुछ दबाव आ सकता है। उन्होंने कहा कि मार्च में निर्यात में गिरावट देखने को मिल सकती है, क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण लॉजिस्टिक्स और शिपिंग में दिक्कतें आ रही हैं।

यह तनाव 28 फरवरी से शुरू हुआ था, जब United States और Israel ने Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद से कई अहम समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं, खासकर Strait of Hormuz के आसपास का इलाका। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने से कार्गो की आवाजाही और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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