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  1. भारत का व्यापार घाटा फरवरी में घटकर $27.1 अरब पर, पिछले महीने की तुलना में आयात में आई कमी

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भारत का व्यापार घाटा फरवरी में घटकर $27.1 अरब पर, पिछले महीने की तुलना में आयात में आई कमी

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 16, 2026, 19:21 IST

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सारांश

फरवरी में सोने और चांदी के आयात में भारी वृद्धि के कारण आयात 24.11 फीसदी बढ़कर 63.71 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। सोने का आयात 218.55 फीसदी बढ़कर 7.44 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया जबकि चांदी का आयात 285.23 फीसदी बढ़कर 1.66 अरब डॉलर हो गया।

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अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले से अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में माल ढुलाई बाधित हो गई है।

देश का माल निर्यात फरवरी में सालाना आधार पर 0.81 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 36.61 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। व्यापार घाटा मासिक आधार पर घटकर 27.1 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव मार्च महीने के आंकड़ों में सामने आएगा क्योंकि युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। ये आंकड़े मई के मध्य तक जारी किए जाएंगे। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच लॉजिस्टिक संबंधी चुनौतियों के कारण मार्च में निर्यात में गिरावट का रुझान देखने को मिलेगा।

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कच्चे तेल में उछाल

अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले से अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में माल ढुलाई बाधित हो गई है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है जिससे हवाई एवं समुद्री माल ढुलाई में भी तेजी से वृद्धि हुई है।

फरवरी में सोने और चांदी के आयात में भारी वृद्धि के कारण आयात 24.11 फीसदी बढ़कर 63.71 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। सोने का आयात 218.55 फीसदी बढ़कर 7.44 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया जबकि चांदी का आयात 285.23 फीसदी बढ़कर 1.66 अरब डॉलर हो गया।

भारत मुख्य रूप से स्विट्जरलैंड से सोने का आयात करता है जहां से फरवरी में आयात में 719.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2.71 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसी महीने कच्चे तेल का आयात 9 प्रतिशत बढ़कर 12.97 अरब डॉलर हो गया।

व्यापार घाटे का क्या है हाल?

व्यापार घाटा पिछले महीने की तुलना में कम हुआ है जो तब 34.68 अरब अमेरिकी डॉलर था। हालांकि, फरवरी 2025 में दर्ज 14.05 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में यह घाटा सालाना आधार पर बढ़ा है। व्यापार आंकड़ों पर मीडिया को जानकारी देते हुए अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद देश का निर्यात अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 11 माह (अप्रैल-फरवरी) में देश का निर्यात 1.84 प्रतिशत बढ़कर 402.93 अरब डॉलर रहा है। इसी अवधि में आयात भी 8.53 प्रतिशत बढ़कर 713.53 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 11 महीने की अवधि में माल व्यापार घाटा बढ़कर 310.60 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है जबकि 2024-25 की इसी अवधि में यह 261.80 अरब अमेरिकी डॉलर था।

रूसी तेल खरीदने पर सरकार ने क्या कहा?

रूस से भारत के आयात के बारे में पूछे जाने पर सचिव ने कहा, ‘‘ हम रूसी तेल भी खरीद रहे हैं, मौजूदा चुनौतियों के कारण इस महीने भी रूसी तेल की खरीद में वृद्धि हुई है।’’ पेट्रोलियम, प्लास्टिक, वस्त्र, चमड़े के सामान, लौह अयस्क, मसाले, काजू, तेल खली, तिलहन और चाय जैसे प्रमुख क्षेत्रों के निर्याम में फरवरी में गिरावट आई। हालांकि चावल, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण, दवा, रसायन, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात बढ़ा। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सेवाओं का निर्यात 39.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है। वहीं आयात 16.38 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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