return to news
  1. अमेरिका के साथ टैरिफ टेंशन के बीच गुड न्यूज, चीन को भारत का निर्यात 33% बढ़ा

बिजनेस न्यूज़

अमेरिका के साथ टैरिफ टेंशन के बीच गुड न्यूज, चीन को भारत का निर्यात 33% बढ़ा

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 09, 2026, 18:16 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

India China Trade: एक एक्सपोर्टर ने PTI को बताया कि भारतीय इंडस्ट्री अलग-अलग मार्केट में मौके तलाश रही है क्योंकि अमेरिका में ज्यादा टैरिफ की वजह से उनके लिए वहां सामान को कॉम्पिटिटिव रेट पर भेजना मुश्किल हो रहा है।

India China

एक्सपोर्ट में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक संबंध खराब हो गए हैं।

India China Trade: भारत के लिए चीन एक प्रमुख एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। दरअसल चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान भारत का चीन को निर्यात 33 फीसदी बढ़कर 12.22 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। एक्सपोर्ट में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक संबंध खराब हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% का भारी टैरिफ लगाया हुआ है।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

अलग-अलग मार्केट में मौके तलाश रही है भारतीय इंडस्ट्री

एक एक्सपोर्टर ने PTI को बताया कि भारतीय इंडस्ट्री अलग-अलग मार्केट में मौके तलाश रही है क्योंकि अमेरिका में ज्यादा टैरिफ की वजह से उनके लिए वहां सामान को कॉम्पिटिटिव रेट पर भेजना मुश्किल हो रहा है। इसके पहले भारत ने अप्रैल-नवंबर 2024-25 के दौरान 9.2 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान निर्यात किया था। अप्रैल-नवंबर 2022-23 में यह 9.89 अरब अमेरिकी डॉलर और 2023-24 में 10.28 अरब अमेरिकी डॉलर था।

पिछले 4 साल में सबसे ज्यादा

आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में 12.22 अरब अमेरिकी डॉलर तक की तेज बढ़ोतरी न केवल पिछले वर्ष की गिरावट के उलट है बल्कि पिछले चार वर्ष में सर्वाधिक भी है।

इन चीजों का बढ़ा निर्यात

इलेक्ट्रॉनिक सेगमेंट में अप्रैल से नवंबर (पहले आठ महीनों) के दौरान जिन मुख्य वस्तुओं में वृद्धि दर्ज की गई, उनमें ‘पॉपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड’ (निर्यात 2.39 करोड़ डॉलर से बढ़कर 92.24 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया), फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी के लिए अन्य विद्युत उपकरण शामिल थे।

निर्यात किए जाने वाले प्रमुख कृषि एवं समुद्री उत्पाद सूखी मिर्च, ब्लैक टाइगर झींगा, हरी मूंग, वन्नामेई झींगा और तेल खली के अवशेष हैं। इसी प्रकार एल्युमीनियम और परिष्कृत तांबे के ‘बिलेट’ ने भी निर्यात वृद्धि में अहम योगदान दिया।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि और मूल धातु में फैला यह प्रसार दिखाता है कि निर्यात में यह उछाल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह चीन को भारत के निर्यात के व्यापक संरचनात्मक विस्तार को दर्शाता है।’’

व्यापार घाटे में आई कमी

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर में भारत का व्यापार घाटा तेजी से कम हुआ, क्योंकि आयात पिछले महीने के ऊंचे स्तर से गिर गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका, UAE और चीन जैसे देशों को बढ़ते शिपमेंट के कारण नवंबर में आयात और निर्यात के बीच का अंतर कम होकर $24.53 बिलियन हो गया, जो अक्टूबर के $41.68 बिलियन से काफी बेहतर है। ट्रेड डेफिसिट में कमी को इस बात से भी सपोर्ट मिला कि भारत ने नवंबर महीने में कम से कम एक दशक में सबसे ज़्यादा मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट किया।

मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख