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  1. मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच सरकार ने अहम पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स को कस्टम ड्यूटी से दी छूट, यहां देखें लिस्ट

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मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच सरकार ने अहम पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स को कस्टम ड्यूटी से दी छूट, यहां देखें लिस्ट

Upstox

2 min read | अपडेटेड April 02, 2026, 11:32 IST

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सारांश

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण शिपिंग मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत उर्वरक एवं पेट्रोलियम का बड़ा आयातक है।

वित्त मंत्रालय

पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों को सीमा शुल्क से छूट दी

सरकार ने मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच सप्लाई स्थिरता सुनिश्चित करने और अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों (Petrochemical Products) के आयात पर सीमा शुल्क से छूट दे दी है। यह छूट 30 जून तक लागू रहेगी और इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, दवा, रसायन, मोटर वाहन घटक और अन्य मैनुफैक्चरिंग सेक्टरों जैसे पेट्रोरसायन ‘फीडस्टॉक’ और ‘इंटरमीडिएट’ पर निर्भर उद्योगों को प्रॉफिट मिलेगा। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे ग्लोबल सप्लाई चेनों में पैदा व्यवधान को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का फैसला किया है।

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मंत्रालय ने कहा कि यह कदम एक अस्थायी और लक्षित राहत उपाय के रूप में उठाया गया है, ताकि घरेलू उद्योग के लिए आवश्यक पेट्रोरसायन सप्लाई की उपलब्धता बनी रहे, ‘डाउनस्ट्रीम’ सेक्टरों पर लागत का दबाव कम हो और देश में सप्लाई स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टॉलुइन, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमिथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉली ब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन को सीमा शुल्क छूट दी गई है।

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण शिपिंग मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत उर्वरक एवं पेट्रोलियम का बड़ा आयातक है। अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने और तेहरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50% की वृद्धि हुई है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने उठाए ये कदम

सरकार ने पिछले सप्ताह ग्लोबल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटा दिया था। साथ ही डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) यानी विमान ईंधन पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है। फिलहाल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क तीन रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य है।

भाषा इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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