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  1. सोने और चांदी पर आया बड़ा अपडेट, सरकार ने बेस इंपोर्ट प्राइस में की भारी कटौती, समझें इसके मायने

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सोने और चांदी पर आया बड़ा अपडेट, सरकार ने बेस इंपोर्ट प्राइस में की भारी कटौती, समझें इसके मायने

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 06, 2026, 11:52 IST

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सारांश

भारत सरकार ने सोने और चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस में बड़ी कटौती कर दी है। गोल्ड का बेस प्राइस 1,652 डॉलर से घटाकर 1,526 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दिया गया है। वहीं चांदी के दाम 2,820 डॉलर से घटाकर 2,427 डॉलर प्रति किलो कर दिए गए हैं।

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सरकार के इस फैसले से सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ेगा बड़ा असर।

सोने और चांदी की खरीदारी करने वालों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस में बड़ी कटौती करने का फैसला लिया है। इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि अब भारत में सोने और चांदी का इंपोर्ट करना पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा। जब भी सरकार बेस इंपोर्ट प्राइस में बदलाव करती है, तो उसका सीधा असर घरेलू बाजार में इन धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब ग्लोबल मार्केट में पहले से ही अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और इनवेस्टर सोने की कीमतों पर पैनी नजर रख रहे हैं।

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गोल्ड और सिल्वर के नए रेट क्या हैं?

सरकार की ओर से जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक, सोने का बेस इंपोर्ट प्राइस अब 1,526 डॉलर प्रति 10 ग्राम तय किया गया है। इससे पहले यह दाम 1,652 डॉलर प्रति 10 ग्राम हुआ करता था। अगर हम इसे भारतीय रुपयों में देखें, तो यह कीमत 1,53,966 रुपये से घटकर अब 1,42,223 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी बड़ी कटौती की गई है। चांदी का बेस इंपोर्ट प्राइस 2,820 डॉलर प्रति किलो से घटाकर 2,427 डॉलर प्रति किलो कर दिया गया है। रुपयों में इसकी कीमत अब 2,62,824 रुपये के बजाय 2,26,096 रुपये प्रति किलो के हिसाब से जोड़ी जाएगी।

क्या होता है बेस इंपोर्ट प्राइस और इसका असर?

आम लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि आखिर इस बेस इंपोर्ट प्राइस का क्या मतलब है। दरअसल, सरकार इसी बेस प्राइस का इस्तेमाल करके यह तय करती है कि इंपोर्ट किए जाने वाले सोने और चांदी पर कितनी कस्टम ड्यूटी या टैक्स वसूला जाएगा। जब सरकार इस बेस प्राइस को घटा देती है, तो इंपोर्टर को कम टैक्स चुकाना पड़ता है। इसका फायदा आखिर में ज्वेलर्स और ग्राहकों तक पहुंचता है। चूंकि अब सरकार ने बेस प्राइस में अच्छी खासी कमी कर दी है, इसलिए बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में रिटेल मार्केट में सोने और चांदी के दाम कम हो सकते हैं।

भारत में शादियों का सीजन और त्योहारों का समय हमेशा ही सोने की डिमांड को बढ़ा देता है। ऐसे में सरकार का यह फैसला उन लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है जो गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं। बेस प्राइस में कटौती होने से ज्वेलर्स के लिए स्टॉक मेंटेन करना आसान हो जाएगा और वे ग्राहकों को बेहतर कीमतों पर ज्वेलरी ऑफर कर पाएंगे। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और कारोबार में भी तेजी आने की उम्मीद है। बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस फैसले से सोने की मांग में और भी ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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