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  1. पाइपलाइन बिछाने के नियमों में बड़ा बदलाव, अब घर-घर पीएनजी पहुंचाना होगा और भी आसान

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पाइपलाइन बिछाने के नियमों में बड़ा बदलाव, अब घर-घर पीएनजी पहुंचाना होगा और भी आसान

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 25, 2026, 07:31 IST

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सारांश

पेट्रोलियम मंत्रालय ने नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 लागू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन बिछाने के काम में आने वाली रुकावटों को दूर करना है। अब मंजूरी मिलने में देरी होने पर उसे खुद-ब-खुद मंजूर मान लिया जाएगा।

Government Notifies Landmark Order to Strengthen Natural Gas

सरकार ने नेचुरल गैस को लेकर लिया बड़ा फैसला

भारत सरकार ने देश के एनर्जी सेक्टर में एक बहुत बड़ा सुधार किया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने पाइपलाइन बिछाने और उसके विस्तार को लेकर नए नियम नोटिफाई कर दिए हैं। इन नियमों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब पाइपलाइन बिछाने के काम में होने वाली देरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि देश को गैस आधारित इकोनॉमी बनाया जाए और लोगों को आसानी से साफ ईंधन मिल सके। यह नया आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इससे न सिर्फ बिजनेस करना आसान होगा, बल्कि आम लोगों को भी पाइप वाली गैस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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मंजूरी के लिए तय हुआ समय

नए आदेश के मुताबिक अब पाइपलाइन बिछाने के लिए मंजूरी लेने का एक टाइम तय कर दिया गया है। अगर तय समय के अंदर संबंधित विभाग मंजूरी नहीं देता है, तो उसे डीम्ड क्लियरेंस यानी अपने आप मिली हुई मंजूरी मान लिया जाएगा। इससे प्रोजेक्ट्स में लगने वाला फालतू समय बचेगा। कंपनियों को अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह कदम बिजनेस को आसान बनाने यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। सरकार चाहती है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में कोई भी रुकावट न आए और कंपनियां बिना किसी डर के अपना काम पूरा कर सकें।

आम जनता को मिलेगा बड़ा फायदा

इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। अब शहरों में पाइप वाली नेचुरल गैस यानी पीएनजी के कनेक्शन तेजी से दिए जा सकेंगे। जिन इलाकों में अभी तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां काम में तेजी आएगी। सरकार चाहती है कि लोग एलपीजी सिलेंडर के बजाय पीएनजी का ज्यादा इस्तेमाल करें क्योंकि यह सुरक्षित और आसान है। इसके लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। इसका मतलब है कि अब आपके घर के किचन तक गैस की पाइपलाइन पहुंचाना कंपनियों के लिए पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगा।

अक्सर पाइपलाइन बिछाते समय लोकल अथॉरिटी और कंपनियों के बीच पैसों को लेकर विवाद होता था। अब सरकार ने इसके लिए स्टैंडर्ड चार्ज तय कर दिए हैं। सड़कों की खुदाई और उन्हें वापस ठीक करने के लिए भी नियम साफ कर दिए गए हैं। अब कोई भी लोकल बॉडी या प्राइवेट संस्था बिना वजह पाइपलाइन बिछाने के काम को नहीं रोक सकेगी। इससे कंपनियों का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बेहतर होगा और फालतू के खर्चों में कमी आएगी। पारदर्शिता आने से विवाद कम होंगे और काम की रफ्तार बनी रहेगी।

सरकार का यह कदम भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए है। गैस पाइपलाइन का नेटवर्क बढ़ने से न सिर्फ घरों को बल्कि फैक्ट्रियों और गाड़ियों को भी क्लीन फ्यूल मिल पाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा होगा। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से इस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा जिससे देश की इकोनॉमी को भी नई रफ्तार मिलेगी।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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