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बड़े मर्जर की तैयारी, कौन सी हैं तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियां, जो मिलकर बन सकती हैं एक?

Upstox

2 min read | अपडेटेड November 23, 2025, 19:26 IST

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सारांश

आने वाले समय में इंश्योरेंस सेक्टर में एक बड़ा मर्जर देखने को मिल सकता है। तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को मिलाकर एक यूनिट किया जा सकता है। वित्त मंत्रालय इसको लेकर विचार कर रहा है।

इंश्योरेंस सेक्टर

इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े मर्जर की तैयारी

जनरल इंश्योरेंस सेक्टर में एक बार फिर से बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वित्त मंत्रालय तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को सिंगल यूनिट में मर्ज करने के शुरुआती प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, क्योंकि इनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। इस कवायद का मकसद बेहतर दक्षता और बड़ा पैमाना सुनिश्चित करना है। पीटीआई ने सूत्रों को हवाले से यह जानकारी दी है। सरकार ने 2019-20 से 2021-22 के बीच ओरिएंटल इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में कुल 17,450 करोड़ रुपये का इन्वेस्ट किया था, ताकि इन्हें वित्तीय संकट से बाहर निकाला जा सके। फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन तीनों कंपनियों को एक ही इंश्योरेंस यूनिट में मिलाने की घोषणा की थी। हालांकि, जुलाई 2020 में सरकार ने इस विचार को स्थगित कर दिया और इसके बजाय तीनों कंपनियों में 12,450 करोड़ रुपये का कैपिटल डालने को मंजूरी दी।

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सूत्रों के मुताबिक अब इनकी वित्तीय स्थिति में सुधार आने के बाद वित्त मंत्रालय इनके मर्जर की प्रारंभिक समीक्षा कर रहा है, ताकि इनकी कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। सूत्रों ने बताया कि साथ ही, सरकार द्वारा घोषित एक सामान्य बीमा कंपनी के निजीकरण के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और विभिन्न विकल्पों पर विचार जारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में दो सरकारी बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण सहित बड़े निजीकरण एजेंडे की घोषणा की थी। इसके बाद अगस्त 2021 में संसद ने सामान्य बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक 2021 पारित किया, जिससे सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के निजीकरण का रास्ता खुल गया।

इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने और नए ग्लोबल प्लेयर्स को भारत के इंश्योरेंस मार्केट में एंट्री देने का मौका देने के लिए सरकार आने वाले शीतकालीन सेशन में FDI सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का विधेयक लाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक सरकार का मानना है कि इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी कैपिटल और तकनीक आने से इश्योरेंस सेक्टर तक लोगों की पहुंच बढ़ेगी और बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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