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Tatkal Ticket Reservation: मिल नहीं पाता तत्काल टिकट? आधार ऑथेंटिकेशन आसान करेगा बुकिंग

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 05, 2025, 09:18 IST

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सारांश

Tatkal Train Ticket Booking: ट्रेन के तत्काल टिकट रिजर्वेशन कराते वक्त अकसर इस परेशानी का सामना करना पड़ता है कि बुकिंग विंडो खुलते ही टिकट खत्म हो जाते हैं। अब रेलवे ने फैसला किया है कि अकाउंट्स का ई-आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जाएगा जिससे अनाधिकृत अकाउंट्स पर नकेल कसी जा सके।

टिकट बुकिंग में पारदर्शिता और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए रेलवे का ऐंटी-बॉट सिस्टम लगा है काम पर।

टिकट बुकिंग में पारदर्शिता और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए रेलवे का ऐंटी-बॉट सिस्टम लगा है काम पर।

Tatkal Ticket Booking: ट्रेन का तत्काल टिकट बुक करना हमेशा एक जटिल प्रोसेस रहा है। चाहे विंडो टिकट लेना हो या ऑनलाइन बुकिंग करनी हो, देखते ही देखते टिकट खत्म हो जाते हैं। हाल ही में इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा तेज रही है। आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट की परफॉर्मेंस से लेकर ट्रैवल एजेंट्स तक को इसके लिए जिम्मेदार करार दिया गया है।
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रिजर्व किए जा रहे कुल टिकट्स में से 86.38% ऑनलाइन बुक होते हैं। अब भारतीय रेलवे ने अपने टिकटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को डिजिटली मजबूत बनाते हुए पारदर्शिता, सुरक्षा और यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर करने की दिशा में विस्तृत बदलाव का ऐलान किया है।

रकार ने बताया है कि ऐंटी-BOT सिस्टम्स और लीडिंग कॉन्टेंट डिलिवरी नेटवर्क (CDN) सर्विस प्रोवाइडर की मदद से अवैध एजेंट्स द्वारा की जा रही अनाधिकृत ऑटोमेटेड बुकिंग्स पर नकेल लगाई जा सकेगी और असली यूजर्स को वेबसाइट का बेहतर एक्सपीरियंस हो सकेगा।

केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करना शुरू कर देगा। इससे जरूरत के समय में वास्तव में जिन यूजर्स को टिकट चाहिए होगा, वे आसानी से बुक कर सकेंगे।

वहीं, सरकार की ओर से दी गई जानकारी मेंबताया गया है कि नए सिस्टम ने ऐसे बॉट ट्रैफिक को खत्म किया है जो तत्काल बुकिंग के शुरुआती पांच मिनट के दौरान सबसे ज्यादा रहता है। इस दौरान लॉगइन की कोशिश करने वाले अकाउंट्स में से 50% तक सिर्फ बॉट अकाउंट्स ही होते हैं। इनपर नकेल कसने से असली यूजर्स का एक्सपीरियंस बेहतर होता है।

रेलवे ने बताया है कि टिकट बुक करने के लिए इस्तेमाल की जा रहीं 2.5 करोड़ संदिग्ध आईडी सस्पेंड की जा चुकी हैं। इसका असर यह हुआ है कि 22 मई को रेकॉर्ड कायम करते हुए 31,814 प्रति मिनट पर टिकट बुक किए जा सके जिससे सिस्टम की बेहतर परफॉर्मेंस का पता चलता है।

इसी प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए और सिस्टम की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अब नए यूजर प्रोटोकॉल लाए गए हैं। ऐसे यूजर्स जिनका आधार ऑथेंटिकेशन नहीं है, ने ओपनिंग ARP, तत्काल या प्रीमियम तत्काल के टिकट रजिस्ट्रेशन के तीन दिन बाद ही कर सकते हैं जबकि आधार से वेरिफाइड यूजर्स तुरंत टिकट बुक कर सकते हैं।

इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक फैसला सुनाते हुए टिकटिंग सिस्टम्स के गलत इस्तेमाल का जिक्र किया था और यह सुनिश्चित करने को कहा था कि असली यात्रियों को रेलवे टिकट आसानी से मिल सकें। रेलवे टिकट की बल्क में बिक्री को कोर्ट ने ‘सामाजिक अपराध’ करार दिया था।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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