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  1. अगले दो-तीन सप्ताह ईरान पर हमले होंगे और भी तेज, डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम में और क्या-क्या?

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अगले दो-तीन सप्ताह ईरान पर हमले होंगे और भी तेज, डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम में और क्या-क्या?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड April 02, 2026, 08:25 IST

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सारांश

यह संबोधन, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक महीने से अधिक समय पहले इजरायल के साथ मिलकर हमले शुरू करने के बाद से उनका पहला औपचारिक राष्ट्रीय भाषण है। यह ऐसे समय में आया है जब तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वित्तीय बाजार लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के जोखिम को लेकर चिंतित हैं।

डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, क्या कुछ कहा?

Iran-America-Israel War: ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में टेंशन जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के खिलाफ मिलिट्री कैंपेन का बचाव करते ग्लोबल टेंशन में बढ़ोतरी, अस्थिर मार्केट और इस युद्ध को लेकर बढ़ती घरेलू चिंता के बीच दिए गए अपने प्राइम-टाइम संबोधन में युद्ध के मैदान में व्यापक सफलताओं का दावा किया। व्हाइट हाउस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अभियान, जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है, ने महज चार हफ्तों में ईरान को करारा झटका दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि यूएस आर्मी अपना काम पूरा करके लौटेगी।

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ट्रंप ने कहा, ‘आज शाम जब हम बात कर रहे हैं, तब अमेरिकी सेना द्वारा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किए हुए सिर्फ एक महीना हुआ है। इस कैंपेन का लक्ष्य दुनिया के नंबर एक आतंकवादी स्पॉन्सर ईरान है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमारी सेनाओं ने युद्ध के मैदान में स्विफ्ट, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है, ऐसी जीत जो पहले शायद ही किसी ने देखी हो।’ उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, उसकी वायु सेना बर्बाद हो चुकी है और उसके अधिकांश नेता मारे गए हैं, जबकि उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं में भारी कमी आई है। ट्रंप ने कहा, ‘युद्ध के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी दुश्मन को कुछ ही हफ्तों में इतना क्लियर और विनाशकारी व्यापक नुकसान उठाना पड़ा हो।’

ईरान को ट्रंप का अल्टीमेटल

ईरान को अल्टीमेटम देते हुए ट्रंप ने धमकी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान के हर एक पावर प्रोडक्शन प्लांट पर हमला किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनके सैन्य लक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन अगले दो से-तीन हफ्तों में ईरान पर ‘बेहद कड़ा’ हमला किया जाएगा और उसे ‘पत्थर युग’ में धकेल दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा, ‘हमने जो प्रगति की है, उसके लिए धन्यवाद, मैं आज रात कह सकता हूं कि हम अमेरिका के सभी सैन्य लक्ष्यों को जल्द ही पूरा करने की राह पर हैं। बहुत जल्द। हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बेहद कड़ा हमला करने जा रहे हैं। हम उन्हें वापस पत्थर युग में ले जाएंगे, जहां वे वास्तव में हैं। इस बीच, बातचीत जारी है, सत्ता परिवर्तन हमारा लक्ष्य नहीं था। हमने कभी सत्ता परिवर्तन की बात नहीं कही, लेकिन उनके सभी मूल नेताओं की मृत्यु के कारण सत्ता परिवर्तन हो चुका है।’

‘अगर समझौता नहीं होता है तो…’

उन्होंने आगे कहा, ‘फिर भी, अगर इस दौरान कोई समझौता नहीं हुआ... अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो हम उनके हर एक पावर प्रोडक्शन प्लांट पर बेहद कड़ा हमला करेंगे, और शायद एक साथ।’ ट्रंप ने इस युद्ध को ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लंबे समय से चले आ रहे प्रयासों का हिस्सा बताया और अपने पहले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान किए गए वादे को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘जिस दिन मैंने 2015 में राष्ट्रपति पद के लिए अपना अभियान शुरू किया था, उसी दिन मैंने यह प्रतिज्ञा की थी कि मैं ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दूंगा। ऐसे शासन के लिए परमाणु हथियार रखना एक असहनीय खतरा होगा।’

राष्ट्रपति ने ईरान पर अमेरिकियों और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमलों का समर्थन करने का आरोप लगाया, जिसमें 1983 में बेरूत में मरीन बैरक पर बमबारी और यूएसएस कोल पर हमला, साथ ही इजरायल के खिलाफ हिंसा में शामिल आतंकवादी ग्रुपों को समर्थन देना शामिल था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपने ही हजारों नागरिकों को मार डाला। ट्रंप ने कहा, ‘धरती पर सबसे हिंसक और क्रूर शासन भी परमाणु कवच के पीछे से आतंक, जबरदस्ती, विजय और सामूहिक हत्या के अपने अभियान को अंजाम देने के लिए स्वतंत्र होगा। मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा।’

ईरान पर हमले के बाद ट्रंप का पहला औपचारिक राष्ट्रीय भाषण

यह संबोधन, अमेरिका द्वारा एक महीने से अधिक समय पहले इजरायल के साथ मिलकर हमले शुरू करने के बाद से उनका पहला औपचारिक राष्ट्रीय भाषण है। यह ऐसे समय में आया है जब तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वित्तीय बाजार लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के जोखिम को लेकर चिंतित हैं। इसके अलावा, जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि कई अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई शायद हद से ज्यादा हो गई है। बुधवार को इससे पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी कि वह महत्वपूर्ण ग्लोबल तेल परिवहन मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट को रोकना करना बंद करे, नहीं तो उसे और अधिक तनाव का सामना करना पड़ेगा।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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