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फ्लाइट में हंगामा करने पर 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डल सकता है नाम, DGCA ने तैयार किए सख्त नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 19, 2026, 12:31 IST

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सारांश

हवाई सफर के दौरान बदसलूकी करने वाले यात्रियों पर लगाम लगाने के लिए विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) ने नए नियमों का ड्राफ्ट पेश किया है। इसमें नशे में हंगामा करने, क्रू से बदतमीजी करने या फ्लाइट में विरोध प्रदर्शन करने पर 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डालने और सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव है।

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फ्लाइट के अंदर अनुशासन बनाए रखने के लिए डीजीसीए ने सख्त दंडात्मक नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है।

हवाई यात्रा के दौरान बढ़ते हंगामों और बदसलूकी की घटनाओं को देखते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने अब अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। डीजीसीए ने नए नियमों का एक ड्राफ्ट जारी किया है जिसका मकसद फ्लाइट और एयरपोर्ट पर होने वाली अनुशासनहीनता को जड़ से खत्म करना है। इन प्रस्तावित नियमों के तहत अगर कोई यात्री विमान के अंदर हंगामा करता है, क्रू मेंबर्स के साथ बदतमीजी करता है या शराब और नशीली दवाओं के प्रभाव में आकर बाधा पैदा करता है, तो उसे कड़ी सजा भुगतनी होगी। डीजीसीए ने फिलहाल इस ड्राफ्ट पर एयरलाइंस और अन्य संबंधित पक्षों से फीडबैक मांगा है और समीक्षा के बाद ही इसे अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।

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विमान और एयरपोर्ट पर "जीरो टॉलरेंस"

नियामक ने साफ कर दिया है कि एयरक्राफ्ट और एयरपोर्ट विरोध प्रदर्शन या हंगामा करने की जगह नहीं हैं। यात्री सुरक्षा से समझौता करने वाला या फ्लाइट ऑपरेशंस में बाधा डालने वाला कोई भी व्यवहार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्राफ्ट में स्पष्ट रूप से अनुशासनहीनता के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाने की बात कही गई है। अगर कोई यात्री इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसे न केवल फ्लाइट से नीचे उतारा जा सकता है बल्कि गंभीर मामलों में पुलिसिया कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

ये गलतियां पड़ेंगी बहुत महंगी

डीजीसीए के ड्राफ्ट में उन कामों की एक लंबी लिस्ट दी गई है जिन्हें अब गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें शामिल हैं:

  • नशे की हालत में विमान के अंदर हंगामा करना।
  • फ्लाइट के दौरान स्मोकिंग करना।
  • पायलट या केबिन क्रू के निर्देशों को मानने से इनकार करना।
  • गाली-गलौज करना या शारीरिक हमला करना।
  • इमरजेंसी एग्जिट यानी आपातकालीन दरवाजों के साथ छेड़छाड़ करना।
  • विमान के अंदर नारेबाजी करना या विरोध प्रदर्शन करना।

चार स्तरों में बंटी बदतमीजी और सजा

नए प्रस्ताव के अनुसार यात्रियों की बदसलूकी को चार अलग-अलग लेवल में बांटा गया है। इसमें छोटे-मोटे गलत व्यवहार से लेकर शारीरिक हमला, जानलेवा हिंसा और कॉकपिट में घुसने की कोशिश जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। सजा की गंभीरता इस बात पर निर्भर करेगी कि यात्री की हरकत किस कैटेगरी में आती है। सजा के तौर पर यात्रियों को कम से कम 30 दिनों से लेकर कई सालों तक के लिए हवाई यात्रा से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

'नो-फ्लाई लिस्ट' से नहीं बच पाएंगे अपराधी

गंभीर उल्लंघन करने वाले यात्रियों का नाम 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डाल दिया जाएगा। इस लिस्ट की खास बात यह है कि इसे सभी एयरलाइंस और संबंधित अथॉरिटीज के साथ साझा किया जाएगा ताकि प्रतिबंधित यात्री किसी दूसरी कंपनी की फ्लाइट में टिकट बुक न करा सके। हालांकि इस लिस्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि ये उपाय अभी ड्राफ्ट स्टेज पर हैं और अंतिम नियमों की अधिसूचना सभी पक्षों के साथ बातचीत पूरी होने के बाद ही जारी की जाएगी।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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