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4 min read | अपडेटेड February 12, 2026, 08:06 IST
सारांश
संयुक्त किसान मोर्चा और 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने आज यानी 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। यह हड़ताल केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, नए लेबर कोड और ओल्ड पेंशन स्कीम जैसी मांगों को लेकर बुलाई गई है। इसका असर बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट और सामान्य जनजीवन पर पड़ने की संभावना है।

बंद का असर बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट और सामान्य जनजीवन पर पड़ने की संभावना है।
आज 12 फरवरी को देश के कई हिस्सों में हड़ताल और प्रदर्शन का माहौल रहने वाला है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और देश की 10 बड़ी ट्रेड यूनियनों ने मिलकर भारत बंद का एलान किया है। इस आंदोलन को आईएनटीयूसी (INTUC), एटक (AITUC) और सीटू (CITU) जैसे बड़े राष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है। यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में करीब 30 करोड़ मजदूर हिस्सा ले सकते हैं। सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में बुलाया गया यह बंद बैंकिंग से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की सेवाओं को प्रभावित कर सकता है। अगर आप आज घर से बाहर निकल रहे हैं, तो स्थानीय स्थिति की जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद होगा।
किसान और मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कई सवाल खड़े किए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते का विरोध शामिल है। इसके अलावा मजदूर चाहते हैं कि चार नए लेबर कोड को वापस लिया जाए और सरकारी कंपनियों का प्राइवेटाइजेशन रोका जाए। पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस (OPS) की बहाली और न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी भी इस आंदोलन के बड़े मुद्दे हैं। किसान संगठन भी अपनी खेती से जुड़ी नीतियों में बदलाव की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर देशभर में आज विरोध जताया जा रहा है, जिसकी वजह से आम लोगों के कामकाज पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
आज के भारत बंद का बड़ा असर बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिल सकता है। एआईबीईए (AIBEA) और एआईबीओए (AIBOA) जैसी बड़ी बैंक यूनियनों ने इस हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। इसकी वजह से सरकारी बैंकों में काउंटर पर होने वाले काम धीमे रह सकते हैं और चेक क्लीयरेंस में भी देरी हो सकती है। हालांकि, बैंक आधिकारिक तौर पर बंद नहीं हैं और आरबीआई ने कोई छुट्टी घोषित नहीं की है। अच्छी खबर यह है कि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एटीएम सर्विस पहले की तरह सामान्य रूप से चलती रहेंगी। ट्रेड यूनियनों के प्रभाव वाले सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की हाजिरी कम रह सकती है, जिससे वहां के कामकाज की रफ्तार सुस्त होने की आशंका है।
सफर करने वाले लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कई राज्यों में बस, ऑटो और ट्रक चलाने वाली यूनियनों ने हड़ताल का साथ देने की बात कही है। इससे सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियां कम दिख सकती हैं और यातायात में बाधा आ सकती है। व्यापार की बात करें तो कई बड़ी मंडियों और व्यापारिक संगठनों ने इस बंद को अपना समर्थन दिया है। बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक रूप से बंद रह सकते हैं। हालांकि, जरूरी सामान की दुकानें खुली रहने की उम्मीद है, लेकिन ट्रांसपोर्ट की दिक्कतों की वजह से सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी को लेकर अभी तक कोई देशव्यापी आदेश नहीं आया है। लेकिन सुरक्षा और बस सर्विस की कमी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर छुट्टी का फैसला ले सकता है। कुछ राज्यों में स्कूल बंद रखे जा सकते हैं, इसलिए बच्चों को भेजने से पहले स्कूल के मैसेज जरूर चेक कर लें। राहत की बात यह है कि एम्बुलेंस, अस्पताल और दमकल विभाग जैसी जरूरी सेवाएं इस हड़ताल से पूरी तरह बाहर हैं। हवाई यात्रा और एयरपोर्ट का ऑपरेशन भी सामान्य रूप से जारी रहेगा। यदि आप आज बैंक या बाजार जाने का मन बना रहे हैं, तो डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल करें और बाहर निकलने से पहले अपने शहर की स्थिति देख लें।
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