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  1. ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से पहले $73 प्रति बैरल कच्चा तेल पहुंचा $114 के आस-पास, कब थमेगी यह जंग?

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ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से पहले $73 प्रति बैरल कच्चा तेल पहुंचा $114 के आस-पास, कब थमेगी यह जंग?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड March 19, 2026, 16:17 IST

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सारांश

कतर आम तौर पर ग्लोबल एलएनजी खपत का करीब 20% सप्लाई करता है, जिसे जहाजों के जरिये भेजा जाता है। ड्रोन हमले के बाद यह सुविधा बंद हो गई। होर्मुज स्ट्रेट के अधिकतर टैंकर यातायात के लिए बंद होने से गैस की आपूर्ति के लिए कोई अन्य मार्ग नहीं बचा है।

कच्चा तेल

ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से पहले कितना था कच्चे तेल का भाव?

ईरान के कतर में एक प्रमुख प्राकृतिक गैस सुविधा और कुवैत की दो तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद ग्लोबल ऑयल और नैचुरल गैसों की कीमतों में गुरुवार को तेज उछाल आया। कतर की यह गैस सुविधा दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की गैस आपूर्ति करती है। इन हमलों से यह आशंका बढ़ गई है कि टैंकर यातायात के लिए होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पैदा होने वाले ऊर्जा संकट अपेक्षा से अधिक लंबा और व्यापक हो सकता है, जिससे तेल और गैस प्रोडक्शन को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। इंटरनेशनल मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर प्रति बैरल से कम थी। नैचुरल गैस की कीमतों के यूरोपीय टीटीएफ मानक में गुरुवार को 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ईरान के हमले में कतर के रास लफान टर्मिनल को निशाना बनाया गया, जहां से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas, LNG) की आपूर्ति की जाती है।

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कतर आम तौर पर ग्लोबल एलएनजी खपत का करीब 20% सप्लाई करता है, जिसे जहाजों के जरिये भेजा जाता है। ड्रोन हमले के बाद यह सुविधा बंद हो गई। होर्मुज स्ट्रेट के अधिकतर टैंकर यातायात के लिए बंद होने से गैस की आपूर्ति के लिए कोई अन्य मार्ग नहीं बचा है। इन सब के बीच आज सुबह (भारतीय समय के मुताबिक) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर लिखा था, ‘मिडिल ईस्ट में घटी घटनाओं से गुस्से में आकर इजराइल ने ईरान के साउथ रार्स गैस फील्ड नाम के एक अहम प्लांट पर हमला किया है। पूरे प्लांट का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा ही प्रभावित हुआ है। अमेरिका को इस हमले की कोई जानकारी नहीं थी और कतर का इससे किसी भी तरह से कोई संबंध नहीं था, ना ही उसे इसकी कोई भनक थी। दुर्भाग्य से ईरान को भी इसकी जानकारी नहीं थी और ना ही साउथ पार्स हमले से संबंधित किसी भी अहम तथ्य की जानकारी थी और उसने अनुचित और अन्यायपूर्ण तरीके से कतर के एलएनजी गैस प्लांट के एक हिस्सा पर हमला किया।’

ट्रंप ने आगे लिखा, ‘इजराइल अब इस बहुत ही अहम और वैल्यूएबल साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा, जब तक कि ईरान नासमझी से किसी निर्दोष देश, इस मामले में कतर पर हमला करने का फैसला नहीं लेता - ऐसी स्थिति में, अमेरिका, इजराइल की मदद या सहमति से या उसके बिना, साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत से उड़ा देगा, जितनी ईरान ने पहले कभी नहीं देखी होगी। मैं इस स्तर की हिंसा और विनाश को अधिकृत नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे ईरान के भविष्य पर लॉन्ग टर्म प्रभाव पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी प्लांट पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में संकोच नहीं करूंगा।’

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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