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Apple भारत को बनाएगा iPhone असेंबल का हब? डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से चीन का साथ छोड़ने को मजबूर

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 25, 2025, 12:35 IST

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सारांश

Apple Manufacturing iPhones in India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के ऊपर जो ट्रेड टैरिफ लगाए हैं, उनका असर ऐपल जैसी कंपनियों के प्लान्स पर होता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple आईफोन उत्पादन के लिए चीन की जगह भारत का रुख कर सकता है क्योंकि यहां ट्रंप के टैरिफ का असर काफी कम है।

Apple अगले साल तक भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग दोगुनी करने का प्लान बना रही है: रिपोर्ट्स

Apple अगले साल तक भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग दोगुनी करने का प्लान बना रही है: रिपोर्ट्स

Apple जल्द ही चीन का दामन छोड़ भारत का हाथ थाम सकता है। iPhone निर्माता कंपनी का इरादा अगले साल तक आईफोन के उत्पादन का केंद्र चीन से हटाकर भारत में स्थापित करने का है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात होने वाले उत्पादों के ऊपर जो टैरिफ लगाए हैं, उन्हें देखते हुए Apple इस बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि कंपनी अमेरिका में निर्यात के लिए भारत में असेंबली पर फोकस करेगी और चीन के ऊपर निर्भरता को कम करेगी।

फिलहाल Apple के करीब 90% आईफोन चीन में असेंबल होते हैं जबकि भारत इस मामले में करीब 10% के साथ दूसरे नंबर पर आता है। FT की रिपोर्ट के मुताबिक अगर Apple भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाता है तो साल 2026 तक 6 करोड़ से ज्यादा iPhone भारत में बन सकते हैं।

Apple की भारत में जो इकाइयां हैं वहां सालाना 3.5 करोड़ यूनिट्स बनते हैं लेकिन चीन के सामने यह काफी कम है। चीन में 2007 से ही iPhone असेंबल होते रहे हैं जहां इसे विस्तृत और मजबूत सप्लाई चेन का सहारा मिलता है।

ट्रंप की कोशिश है कि चीन के ऊपर iPhones के लिए निर्भरता को कम किया जाए और अमेरिका को ही इसका केंद्र बनाया जाए। ऐसा करना फिलहाल अमेरिका के लिए महंगा साबित हो सकता है जिसके चलते भारत पर कंपनी की फोकस है।

हालांकि, ट्रंप के टैरिफ की चपेट में भारत भी आया है जिसके मद्देनजर मार्च में Apple के भारतीय सप्लायर्स Foxconn और Tata Electronics ने मार्च के महीने में तेजी के साथ $2 अरब के iPhones चार्टर्ड कार्गो फ्लाइट्स से लिफ्ट कर शिकागो, लॉस ऐंजिलिस और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में भेजे थे।

दरअसल, भारत पर भी ट्रंप ने 26% टैरिफ लगाया था लेकिन फिर स्मार्टफोन, कंप्यूटर और चिप्स जैसी चीजों को छूट देकर कुछ राहत दी थी।

वहीं, इंडस्ट्री ऐनलिस्ट्स के मुताबिक अमेरिका में iPhone के उप्दान से इसकी कीमत तीन गुना तक बढ़ सकती है। भारत और चीन जैसे देशों में सप्लाई चेन, इंजिनियरिंग और टेक्निकल बैकग्राउंट की वर्कफोर्स एक बहुत बड़ी ताकत है। ऐसे में Apple का चीन का साथ छोड़ भारत का रुख करना तर्कसंगत नजर आता है।

इसके पहले फरवरी में Apple ने iPhone 16 सीरीज का अपना नया, किफायती मॉडल iPhone 16e भारत में लॉन्च किया था और बताया था कि इसे भारत में ही असेंबल किया जा रहा है। कंपनी का टारगेट कम दाम पर भारत और कुछ चुनिंदा देशों में इसे एक्सपोर्ट करने का है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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