Images: NASA
NASA का Artemis प्रोग्राम सिर्फ इंसानों को चांद पर भेजने तक सीमित नहीं है। लक्ष्य चांद पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी बनाना और यहां से मंगल मिशन की तैयारी करना है।
नवंबर 2022 में Artemis-1 ने चांद का चक्कर लगाया। इसमें Orion स्पेसक्राफ्ट और SLS रॉकेट की टेस्टिंग हुई। इसका मकसद भविष्य की मानव उड़ानों की सुरक्षा जांचना था।
अप्रैल 2026 में 4 अंतरिक्ष यात्री चांद के पास तक गए। करीब 9 दिन के मिशन में Orion ने इंसानों को चांद के चारों ओर ले जाकर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटाया।
Artemis-3 में 4 अंतरिक्ष यात्री लो अर्थ ऑर्बिट में रहकर Orion और कमर्शियल मून लैंडर्स के बीच डॉकिंग जैसी अहम तकनीकों का परीक्षण करेंगे।
Artemis-4 में 2 अंतरिक्ष यात्री मून लैंडर से चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेंगे। वहां करीब एक हफ्ते तक वैज्ञानिक प्रयोग और सैंपल कलेक्शन किया जाएगा।
NASA मिशनों की रफ्तार बढ़ाने और हर साल कम से कम एक मून लैंडिंग का लक्ष्य रख रहा है। रोवर, स्पेससूट, रहने की जगह और रिसर्च सिस्टम विकसित किए जाएंगे।
दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद बर्फ भविष्य में बड़ा संसाधन बन सकती है। पानी को पीने योग्य बनाया जा सकता है और ईंधन तैयार किया जा सकता है। यही मंगल मिशन में मदद करेगी।
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