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भारत की सैन्यशक्ति की मिसाल अगर किसी एक हथियार को माना जाए तो वो होगी BrahMos मिसाइल।
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जल-थल-नभ… कहीं से भी लॉन्च हो जाने वाली ये अचूक मिसाइल करीब 20 साल से भारत के पास है।
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ये भारत की पहली सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है जो 290 किमी तक वार कर सकती है। साल 2024 में नौसेना ने 800 किमी रेंज वाली 220 मिसाइलों का ऑर्डर दिया है।
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दो स्टेज की इस मिसाइल को खास बनाती है इसकी स्टेल्थ टेक्नॉलजी यानी इसे इंटरसेप्ट कर पाना दुनिया के किसी भी सिस्टम के लिए लगभग नामुमकिन है।
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भारत की ब्रह्ममुत्र नदी और रूस की मोस्क्वा नदी के नाम से मिलकर बनी BrahMos को भारत के DRDO और रूस के NPOM ने मिलकर तैयार किया है।
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‘फायर ऐंड फर्गेट’ के सिद्धांत को फॉलो करने वाली ये मिसाइल 15 किमी तक की ऊंचाई पर क्रूज कर सकती है। ये 200-300 किलो तक हथियार ले जाने की क्षमता रखती है।
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सबसॉनिक क्रूज मिसाइलों की तुलना में इसकी रफ्तार (Mach 3.5) 3 गुना ज्यादा है और काइनेटिक एनर्जी 9 गुना ज्यादा। इससे निशाने को हिट करने पर होने वाला असर भी बहुत गहरा होता है।
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भारत के पास इसके दो वेरियंट हैं- एक ऐंटी शिप और एक लैंड अटैक के लिए जो भारतीय डिफेंस फोर्सेज के लिए इसे अहम बनाते हैं।
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भारतीय वायुसेना ने सुखोई 30MKI फ्रंटलाइन फाइटर एयरक्राफ्ट को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल सिस्टम से लैस कर रखा है जो किसी भी मौसम में वार के लिए तैयार रहती है।
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पहले इसके डिवेलपमेंट के लिए रूस पर निर्भर होना पड़ता था लेकिन अब देश में ही इसके बूस्टर, सीकर समेत कई हिस्से बनाए जा रहे हैं।
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हैदराबाद, नागपुर, पिलानी, तिरुवनंतपुरम के बाद अब लखनऊ में इसकी प्रोडक्शन यूनिट तैयार हो गई है जहां इसका नेक्स्ट जेनरेशन वेरियंट बनेगा।
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इसका वजन हल्का होगा और एक Su-30MKI तीन मिसाइलें जबकि जमीन और जहाज पर एक साथ 8 मिसाइलें लग सकेंगी।
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