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15 मार्च 2026 तक अपनी कुल टैक्स देनदारी का 100% भुगतान कर दें। देरी होने पर धारा 234B और 234C के तहत ब्याज लग सकता है।
मार्च की सैलरी से ज्यादा TDS कटने से बचाने के लिए LIC, PPF, ELSS और किराए की रसीदें जैसे दस्तावेज अपने ऑफिस में समय पर जमा करें।
अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम में हैं, तो धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख की अधिकतम निवेश सीमा (PPF, ELSS, SSY) का पूरा फायदा उठाएं।
धारा 80CCD(1B) के तहत NPS में ₹50,000 का एक्स्ट्रा निवेश करके 80C की सीमा के ऊपर अतिरिक्त टैक्स छूट प्राप्त करें।
PPF में कम से कम ₹500 और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में ₹250 सालाना जरूर जमा करें ताकि आपके अकाउंट इनएक्टिव न हों।
बैंक से सालाना लोन स्टेटमेंट और ब्याज सर्टिफिकेट लें। धारा 24(b) के तहत ब्याज पर ₹2 लाख तक की टैक्स कटौती का दावा करें।
धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर टैक्स छूट मिलती है। इसके प्रूफ भी अपने नियोक्ता को देना न भूलें।
साल भर में बेचे गए शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी से हुए मुनाफे (STCG/LTCG) का रिव्यू करें ताकि सही टैक्स कैलकुलेट हो सके।
शेयर/म्यूचुअल फंड में ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स-फ्री होता है। इस छूट का फायदा लेने के लिए मुनाफ़ा बुक करने पर विचार करें।
अपनी बचत और निवेश के हिसाब से ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम की तुलना करें और देखें कि आपके लिए कौन सा फायदेमंद है।
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