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नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में इनकम टैक्स के कई नियम बदल रहे हैं। जानिए 1 अप्रैल से लागू होने वाले 7 बड़े बदलाव, जिनका असर सैलरीड कर्मचारियों पर पड़ेगा।
नए टैक्स रिजीम में सेक्शन 87A के तहत टैक्स छूट ₹25,000 से बढ़कर ₹60,000 होगी। ₹12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाएगी।
नए रिजीम में टैक्स छूट की सीमा ₹3 लाख से बढ़कर ₹4 लाख होगी। 30% टैक्स अब ₹24 लाख से अधिक आय पर लगेगा।
नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय टैक्स फ्री होगी। सैलरीड कर्मचारियों के लिए ₹75,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन के कारण यह सीमा ₹12.75 लाख तक बढ़ जाएगी।
बैंक डिपॉजिट पर TDS की सीमा ₹40,000 से बढ़कर ₹50,000 होगी। अन्य लेन-देन पर भी नई TDS/TCS सीमाएं लागू होंगी।
ULIP में ₹2.5 लाख से अधिक प्रीमियम पर रिडेम्पशन अमाउंट को कैपिटल गेन माना जाएगा और सेक्शन 112A के तहत टैक्स लगेगा।
अब NPS वात्सल्य अकाउंट में बच्चों के लिए योगदान करने पर पुराने टैक्स रिजीम में ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स कटौती का लाभ मिलेगा।
विदेश में पढ़ाई के लिए ₹10 लाख तक भेजने पर टैक्स नहीं लगेगा। वहीं अगर पैसा किसी फाइनेंशियल ऑर्गेनाइजेशन जैसे बैंक आदि से लोन लिया गया हो TCS नहीं लगेगा।
1 अप्रैल से लागू ये बदलाव आपकी टैक्स प्लानिंग को प्रभावित कर सकते हैं। सही फैसले लें और टैक्स बचाने की योजना पहले से बनाएं।