सभी तस्वीरें: Shutterstock
हिडन चार्जेस आपकी सेविंग्स पर असर डाल सकते हैं। ये छोटे-छोटे चार्जेस धीरे-धीरे आपकी मेहनत की कमाई कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप इनसे कैसे बच सकते हैं।
बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर पेनल्टी लगती है। दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर चार्ज देना पड़ता है। कुछ बैंक अकाउंट मेंटेनेंस फीस भी लेते हैं।
अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल लेट भरते हैं तो लेट पेमेंट फीस लगती है। फॉरेन ट्रांजैक्शन्स और करेंसी कन्वर्जन पर भी एक्स्ट्रा चार्जेस लगते हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है।
म्यूचुअल फंड्स में हिडन एक्सपेंस रेशियो होता है। ULIP और इंश्योरेंस-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में छुपी फीस होती है। स्टॉक ट्रेडिंग पर ब्रोकेज और ट्रांजैक्शन चार्जेस लगते हैं।
लोन लेते समय प्रोसेसिंग चार्ज देना पड़ता है। अगर आप समय से पहले लोन चुकाना चाहते हैं तो फोरक्लोजर पेनल्टी और प्रीपेमेंट चार्ज देना पड़ सकता है।
स्ट्रीमिंग सर्विसेज़ ऑटो-रिन्यू हो जाती हैं, जिससे खर्च बढ़ता है। जिम मेंबरशिप कैंसिल करने पर चार्ज लगता है।
ऑनलाइन शॉपिंग पर GST लगता है। रेस्टोरेंट्स में सर्विस चार्ज लिया जाता है। फ्लाइट बुकिंग में एयरपोर्ट कंविनियंस फीस जुड़ जाती है।
टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर एक्स्ट्रा चार्ज लगता है। कुछ स्टोर्स पर कार्ड ट्रांजैक्शन्स पर सरचार्ज देना पड़ता है। UPI और वॉलेट पेमेंट्स पर भी प्रोसेसिंग फीस लगती है।