return to news
  1. Stock Market: 3 दिनों की गिरावट के बाद Sensex-Nifty बने रॉकेट, फेड रेट कट समेत ये रहे 6 बड़े कारण

मार्केट न्यूज़

Stock Market: 3 दिनों की गिरावट के बाद Sensex-Nifty बने रॉकेट, फेड रेट कट समेत ये रहे 6 बड़े कारण

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड November 26, 2025, 11:32 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

Stock Market: अमेरिका में जल्द ही फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद बढ़ गई है। इस उम्मीद के कारण एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई और भारत के शेयर बाजार भी इसी सकारात्मक माहौल को फॉलो करते हुए ऊपर खुले। यहां हमने बताया है कि आज बाजार में खरीदारी की 6 बड़ी वजहें क्या हैं।

Stock Market

Stock Market: विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 26 नवंबर को जमकर खरीदारी हो रही है। इसके साथ ही आज मार्केट में लगातार 3 दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 790 अंकों की तेजी रही और यह 85,376.98 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 245 अंक उछलकर 26130.90 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच आज मार्केट सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। यहां हमने बताया है कि आज बाजार में खरीदारी की 6 बड़ी वजहें क्या हैं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

फेड रेट कट की उम्मीद

अमेरिका में जल्द ही फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद बढ़ गई है। इस उम्मीद के कारण एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई और भारत के शेयर बाजार भी इसी सकारात्मक माहौल को फॉलो करते हुए ऊपर खुले। आईटी और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई, जिससे बाजार को मजबूती मिली। भारत के सभी 16 बड़े सेक्टर भी शुरुआत में हरे निशान में थे। स्मॉल और मिड कैप स्टॉक्स भी लगभग 1% से अधिक चढ़े गए।

मजबूत ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में तेजी इसलिए भी आई क्योंकि अमेरिका के ताजा डेटा ने दिखाया कि रिटेल सेल्स उम्मीद से कम बढ़ी हैं और उपभोक्ता भरोसा कमजोर हुआ है। इससे निवेशकों को लगता है कि फेड दिसंबर में ब्याज दर घटा सकता है। दो फेड अधिकारियों ने भी दर कटौती के पक्ष में संकेत दिए, जिससे बाजार में विश्वास और बढ़ा। अमेरिका में ब्याज दरें घटने का मतलब है कि विदेशी निवेशक उभरते बाजारों जैसे भारत में ज्यादा पैसा लगाते हैं, इसलिए भारतीय बाजार को भी फायदा हुआ।

एक और बड़ी वजह यह रही कि रिपोर्ट्स के मुताबिक केविन हैसेट, जो अमेरिका में एक वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार हैं को नए फेड चेयरमैन के रूप में चुने जाने की चर्चा है। इससे भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है।

IT, Metal और बैंकिंग शेयरों में तेजी

IT कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। अमेरिका में ब्याज दर घटाए जाने की उम्मीदों के चलते आज IT शेयरों में भी खरीदारी देखी गई, जिसके चलते यह इंडेक्स 0.68 फीसदी उछल गया।

मेटल शेयरों में 1.7% की शानदार तेजी आई क्योंकि अमेरिकी दर कटौती से वैश्विक मेटल की मांग बढ़ने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक माहौल सकारात्मक है और दिसंबर में दर कटौती की उम्मीद बाजार की तेजी को सपोर्ट कर रही है।

भारत में भी रेट कट की उम्मीद

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के MPC की मीटिंग अगले सप्ताह 3 से 5 दिसंबर तक होने वाली है, जिसमें रेपो रेट में 25 bps कटौती की उम्मीद की जा रही है। इसके चलते रेट-सेंसिटिव सेक्टर जैसे बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर सेक्टर में 0.5% से 1% की बढ़त देखी गई। आज के कारोबार में निफ्टी बैंक 1 फीसदी से अधिक उछलकर 59,515.30 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 1.64 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.07 फीसदी की तेजी देखी गई।

FII की खरीदारी

विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी। FII ने भारतीय बाजार में 25 नवबर को 785.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इसके अलावा घरेलू निवेशकों (DII) ने भी भारतीय बाजार में 3,912.47 करोड़ रुपये डाला है। FII और DII के निवेश ने मार्केट सेंटीमेंट को पॉजिटिव किया है।

कच्चे तेल में गिरावट

बाजार को सपोर्ट करने वाली एक और वजह कच्चे तेल की गिरती कीमतें हैं। यूक्रेन के मुताबिक, अमेरिका की कोशिशों से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर बातचीत आगे बढ़ रही है। अगर युद्ध खत्म होता है, तो रूस पर लगे कई ऊर्जा-संबंधी प्रतिबंध हट सकते हैं, जिससे सप्लाई बढ़ सकती है और तेल की कीमतें और नीचे जा सकती हैं। भारत अपनी तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कीमतों में गिरावट से भारत को फायदा होता है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग $62.48 प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो 22 अक्टूबर के बाद सबसे कम स्तर है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

अगला लेख