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  1. कॉर्पोरेट नतीजों ने तोड़े रिकॉर्ड, 12 तिमाहियों में सबसे तेज रही कंपनियों के रेवेन्यू की रफ्तार, ये रही डीटेल

मार्केट न्यूज़

कॉर्पोरेट नतीजों ने तोड़े रिकॉर्ड, 12 तिमाहियों में सबसे तेज रही कंपनियों के रेवेन्यू की रफ्तार, ये रही डीटेल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड June 01, 2026, 16:23 IST

सारांश

भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए मार्च तिमाही बेहतरीन साबित हुई है। सरकारी तेल कंपनियों, पावर और मेटल जैसी साइक्लिकल सेक्टर्स की कंपनियों के दमदार प्रदर्शन से मुनाफे में यह जोरदार तेजी आई है। हालांकि इस दौरान बैंक, आईटी, ऑटो और FMCG जैसी कंपनियों का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा।

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चौथी तिमाही में भारतीय कंपनियों के नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में दर्ज की गई बंपर ग्रोथ। Image: Shutterstock

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए बेहद शानदार साबित हुई है। इस तिमाही में शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे और रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तिमाही आंकड़ों के मुताबिक, मार्च तिमाही में लिस्टेड कंपनियों का कुल नेट प्रॉफिट 15.1 पर्सेंट बढ़ गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में दर्ज की गई 9.2 पर्सेंट की ग्रोथ से काफी ज्यादा है। अब सवाल यहां ये खड़ा हो रहा है कि क्या यह नतीजे बाजार में जान भरने में कामयाब हो पाएंगे? क्योंकि पिछले एक महीने से बाजार निगेटिव में ट्रेड कर रहा है, आज भी हल्की बिकवाली देखी जा रही है। विदेशी निवेशक तेजी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

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इन सेक्टर्स के दम पर बढ़ा मुनाफा

इस बार मुनाफे की इस रफ्तार को बढ़ाने में कुछ खास सेक्टर्स का बड़ा योगदान रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र यानी सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों, गैर-बैंक रिटेल लेंडर्स, मेटल एवं माइनिंग कंपनियों और बिजली उत्पादक जैसी साइक्लिकल सेक्टर्स की कंपनियों ने बहुत ही शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाया है। हालांकि इसके मुकाबले पारंपरिक रूप से मजबूत रहने वाले बैंक, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और कैपिटल गुड्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का प्रदर्शन इस बार अपेक्षाकृत थोड़ा कमजोर देखने को मिला है। चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली कुल 3,081 लिस्टेड कंपनियों का कुल कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट इस बार बढ़कर करीब 4.74 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 4.12 लाख करोड़ रुपये और इसी वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 4.09 लाख करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू में 12 तिमाहियों की सबसे तेज ग्रोथ

मुनाफे के साथ-साथ कंपनियों के रेवेन्यू यानी कुल नेट इनकम में भी इस बार बड़ा सुधार देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंसों यानी कमोडिटीज के दाम बढ़ने, डॉलर के मुकाबले रुपये में आई नरमी और कई कंज्यूमर गुड्स सेक्टर्स में दोबारा स्टॉक भरने की वजह से आय में यह तेजी आई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इन कंपनियों की कुल नेट इनकम 11.4 पर्सेंट की रफ्तार से बढ़ी है, जो कि पिछली 12 तिमाहियों में दर्ज की गई सबसे तेज ग्रोथ है। अगर इसकी तुलना पुराने आंकड़ों से करें तो इन कंपनियों की नेट सेल्स या इनकम वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 6.2 पर्सेंट और वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 9.1 पर्सेंट की रफ्तार से बढ़ी थी। इस प्रकार इस तिमाही में कुल नेट इनकम बढ़कर करीब 45.65 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 40.99 लाख करोड़ रुपये थी और तीसरी तिमाही में 42.07 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर से इतर कंपनियों का हाल

अगर हम बैंक, एनबीएफसी, इंश्योरेंस और स्टॉक ब्रोकिंग यानी बीएफएसआई सेक्टर को अलग हटाकर देखें, तो भी दूसरी कंपनियों का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। बीएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीएफएसआई से इतर इन कंपनियों का कुल नेट प्रॉफिट चौथी तिमाही में 14.2 पर्सेंट बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 13.4 पर्सेंट बढ़ा था लेकिन 2026 की तीसरी तिमाही की 15.2 पर्सेंट की ग्रोथ से थोड़ा कम है। बीएफएसआई से इतर इन कंपनियों का कुल नेट प्रॉफिट इस तिमाही में 2.98 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2.6 लाख करोड़ रुपये था। इसके अलावा इन कंपनियों की कुल आय में 12.8 पर्सेंट का बड़ा उछाल आया है, जो पिछले 13 तिमाहियों में सबसे तेज रेवेन्यू ग्रोथ को दर्शाता है।

कोर सेक्टर्स को हटाकर कैसा रहा प्रदर्शन?

हालांकि, अगर इन गैर-बीएफएसआई कंपनियों में से भी तेल एवं गैस, माइनिंग एवं मेटल, सीमेंट और पावर जैसे बड़े कोर सेक्टर्स को बाहर कर दिया जाए, तो बाकी बची कंपनियों की आय वृद्धि थोड़ी नरम दिखाई देती है। इन सेक्टर्स को छोड़ने के बाद बाकी कंपनियों का कुल कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट चौथी तिमाही में केवल 8.8 पर्सेंट ही बढ़ पाया है। यह ग्रोथ वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में दर्ज की गई 17.6 पर्सेंट की ग्रोथ के मुकाबले लगभग आधी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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