return to news
  1. 2 करोड़ से ज्यादा मृत लोगों के आधार कार्ड UIDAI ने किए डिएक्टिवेट, कैसे मिला डेटा, क्या है आगे का प्लान?

बिजनेस न्यूज़

2 करोड़ से ज्यादा मृत लोगों के आधार कार्ड UIDAI ने किए डिएक्टिवेट, कैसे मिला डेटा, क्या है आगे का प्लान?

Upstox

2 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 11:33 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

यूआईडीएआई ने इस साल की शुरुआत में एक सुविधा भी शुरू की है, परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की सूचना देना, जो वर्तमान में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत मृत्यु के लिए मायआधार पोर्टल पर उपलब्ध है।

आधार कार्ड

2 करोड़ से ज्यादा मृत लोगों के आधार कार्ड किए गए डिएक्टिवेट

Unique Identification Authority of India (UIDAI) यानी कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 2 करोड़ से ज्यादा आधार नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है। आधार डेटाबेस की सटीकता को बरकरार रखने के लिए देशव्यापी क्लीन-अप अभियान के तहत मृत व्यक्तियों के 2 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है। यूआईडीएआई ने Registrar General of India (RGI), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, नैशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम आदि से मृतक व्यक्तियों का डेटा हासिल किया है। वह मृतक व्यक्तियों का डेटा हासिल करने के लिए वित्तीय संस्थानों और अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग करने पर भी विचार कर रहा है। किसी भी व्यक्ति को आधार नंबर कभी भी फिर से अलॉट नहीं किया जाता है। किसी व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में संभावित पहचान धोखाधड़ी या कल्याणकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार नंबर के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए उसका आधार नंबर डिएक्टिवेट करना जरूरी है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

यूआईडीएआई ने इस साल की शुरुआत में एक सुविधा भी शुरू की है, परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की सूचना देना, जो वर्तमान में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत मृत्यु के लिए मायआधार पोर्टल पर उपलब्ध है। शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पोर्टल के साथ एकीकरण की प्रक्रिया अभी चल रही है। परिवार के सदस्य को स्वयं को प्रमाणित करने के बाद पोर्टल पर मृतक व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण संख्या के साथ-साथ अन्य जनसांख्यिकीय विवरण भी देना आवश्यक है। परिवार के सदस्य द्वारा दी गई जानकारी के वेरिफिकेशन के उचित प्रोसेस के बाद मृतक व्यक्ति के आधार नंबर को डिएक्टिवेट करने या अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाती है।

यूआईडीएआई आधार नंबर धारकों को मृत्यु पंजीकरण प्राधिकारियों से डेथ सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद मायआधार पोर्टल पर अपने परिवार के सदस्यों की मृत्यु की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। किसी मृत शख्स के आधार कार्ड के जरिए कोई गैरकानूनी हरकत ना की जाए, इसको लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। इसी अभियान के तहत यह सब किया जा रहा है।

मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख